मुजफ्फरनगर। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही तेज बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है, जिससे इलाके में बाढ़ की स्थिति बन गई है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि विभागीय स्टाफ को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। स्थानीय प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और उन्हें संभावित खतरे से बचने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है।
पिछले 30 घंटों में गंगा का जलस्तर दोगुना से भी अधिक बढ़ चुका है। रविवार रात से शुरू हुई बारिश के बाद गंगा का जलस्तर सोमवार सुबह 70 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था, जो शाम तक बढ़कर 1,40,000 क्यूसेक हो गया। मंगलवार सुबह यह जलस्तर 1,62,000 क्यूसेक से भी अधिक हो गया। इसके कारण खेतों में पानी भर गया है और सड़कों पर जल जमाव हो गया है।
गंगा बैराज पर जलस्तर 221.50 मीटर दर्ज
पांच अगस्त को सुबह 4 बजे गंगा बैराज पर जलस्तर 221.50 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान 220.00 मीटर से 1.5 मीटर अधिक है। वर्तमान में गंगा में लगभग 1,62,000 क्यूसेक पानी बह रहा है। गंगा बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 221.50 मीटर है और डाउनस्ट्रीम में जलस्तर 219.60 मीटर है, जहां से भी उतना ही पानी बह रहा है।


