बलिया। सड़कें डूब चुकी है, लेकिन शादी रद्द नहीं हुई। मंगलवार को दूल्हा और बाराती नाव पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचे। गंगा के ऊफान के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया, ऐसे में बरात को टालना या रद्द करना मुश्किल था। इस विषम परिस्थिति में परिवार ने नाव से बरात ले जाने का फैसला किया। जब गांव के लोगों ने पहली बार एक अद्भुत नजारा देखा। गंगौली गांव के पास तटबंध के नीचे से एक सजी-धजी नाव पर बरात निकल रही थी। दूल्हा साफा पहने, पारंपरिक पोशाक में नाव पर बैठा था और उसके साथ बराती भी उसी जोश के साथ मौजूद थे। बक्सर के सिमरी दियारा क्षेत्र में, जहां गंगा नदी के उफान और बाढ़ के पानी से घिरे इलाके में एक अनोखी बरात निकली। यह अनूठी बरात नैनीजोर लाल डेरा गांव के रहने वाले कमलेश राम के पुत्र राजेश कुमार की थी। राजेश की शादी उत्तर प्रदेश बलिया जिले के बेयासी गांव में तय थी। सब तैयारी पहले से हो चुकी थी, लेकिन अचानक बाढ़ ने सारे रास्ते बंद कर दिए। नाव पर कोई डीजे नहीं था, न ही बैंड-बाजा, लेकिन गंगा की लहरों की थपकी और नाविकों की ताल ने माहौल को खास बना दिया।


