मुजफ्फरनगर। गांव पीनना और गांव बुडीनाखुर्द में बनाई गई तीन सड़कों की जांच में सिंचाई विभाग का कारनामा प्रकाश में आया है। सीडीओ कंडारकर कमलकिशोर देशमुख ने स्वयं तीनों सड़कों की जांच की है। जांच में सिंचाई विभाग के अधिकारियों की पोल खुली है। तीनों सड़कों का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं मिला है। सड़कों की मोटाई को मानक से कम रखा गया है, वहीं तारकोल का काफी कम प्रयोग किया गया है। वहीं सड़क के साइड में पुरानी ईटों का इस्तेमाल किया गया है। मामला प्रकाश में आने पर तीनों सड़कों के करीब 89.07 लाख के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। सीडीओ कंडारकर कमलकिशोर देशमुख ने अपनी रिपोर्ट डीएम उमेश मिश्रा को सौंपी है।
सिंचाई विभाग के द्वारा गांव पीनना में रजवाहा रोड पर तारकोल की सड़क का निर्माण कराया गया है। यह सड़क करीब 31.52 लाख से बनाई गई है। वहीं चरथावल के गांव बुडीना खुर्द में सिंचाई विभाग के द्वारा दो सड़कों का निर्माण कराया गया है। जिसका बजट 30.59 लाख रुपये और 27.59 लाख रुपए रहा है। इन दोनों सड़कों का निर्माण चौधरी बिल्डर्स ने किया। वहीं पीनना-चरथावल रजवाहा मार्ग सड़क का निर्माण मेसर्स अनंत बिल्डर्स के द्वारा किया गया है। तीनों सड़कों की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री एंव राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर से की गई। डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर सीडीओ ने जांच की। जांच के दौरान तीनों सड़क अधोमानक पाई गई है। बुडीनाखुर्द गांव के समीप बनी दोनों सड़क की मोटाई मानक से कम मिली। वहीं तीनों सड़कों में तारकोल का प्रयोग काफी कम पाया गया। सड़कों की ऊपरी भाग पर तारकोल का स्प्रे सड़क मजबूत दिखाने के लिए किया गया। सीडीओ कंडारकर कमलकिशोर देशमुख ने विभिन्न स्थानों पर सड़क की खुदाई कराई तो कार्यदायी संस्था का कारनामा प्रकाश में आया। तीनों सड़कों में सिंचाई विभाग के जेई की संलिप्तता सामने आई है। सीडीओ ने जांच पूरी कर डीएम उमेश मिश्रा को सौंप दी है।
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि सीडीओ के द्वारा तीनों सड़कों की जांच को पूरा कर लिया गया। जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। सिंचाई विभाग के द्वारा बनवाई गई सड़कों की गुणवत्ता सहीं नहीं मिली है। इस संबंध में रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।


