🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 04 मार्च 2026*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
🌤️ *मास – चैत्र ( गुजरात- महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – प्रतिपदा शाम 04:48 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी सुबह 07:39 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
🌤️ *योग – धृति सुबह 08:52 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 12:51 से दोपहर 02:19 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:58*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:42*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- होली*
💥 *विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *चैत्र मास* 🌷
🙏🏻 *होली के तुरंत बाद चैत्र मास का प्रारंभ हो जाता है। चैत्र हिन्दू धर्म का प्रथम महीना है।*
👉🏻 *चित्रा नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम चैत्र पड़ा (चित्रानक्षत्रयुक्ता पौर्णमासी यत्र सः)।*
➡ *इस वर्ष 04 मार्च 2026 (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) चैत्र का आरम्भ होगा और गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार 19 मार्च से चैत्र मास प्रारंभ होगा । चैत्र मास को मधु मास के नाम से जाना जाता है।*
👉🏻 *इस मास में बसंत ऋतु का यौवन पृथ्वी पर देखने को मिलता है।*
👉🏻 *चैत्र में रोहिणी और अश्विनी शून्य नक्षत्र हैं इनमें कार्य करने से धन का नाश होता है।*
🙏🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार*
*“चैत्रं तु नियतो मासमेकभक्तेन यः क्षिपेत्। सुवर्णमणिमुक्ताढ्ये कुले महति जायते।।”*
➡ *जो नियम पूर्वक रहकर चैत्रमास को एक समय भोजन करते बिताता है, वह सुवर्ण, मणि और मोतियों से सम्पन्न महान कुल में जन्म लेता है ।*
👉🏻 *चैत्र में गुड़ खाना मना बताया गया है। चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार चैत्र में गौ का दान करने से कायिक, वाचिक तथा मानसिक पापों का निवारण होता है .*
👉🏻 *देव प्रतिष्ठा के लिये चैत्र मास शुभ है।*
➡ *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्ष का शुभारम्भ होता है। हिन्दू नववर्ष के चैत्र मास से ही शुरू होने के पीछे पौराणिक मान्यता है कि भगवान ब्रह्मदेव ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी।*
*ताकि सृष्टि निरंतर प्रकाश की ओर बढ़े।*
*चैत्रमासि जगद् ब्रह्मा स सर्वा प्रथमेऽवानि ।*
*शुक्ल पक्षे समग्रं तत – तदा सूर्योदय सति ।। (ब्रह्मपुराण)*
🙏🏻 *नारद पुराण में भी कहा गया है की चैत्रमास के शुक्लपक्ष में प्रथमदिं सूर्योदय काल में ब्रह्माजी ने सम्पूर्ण जगत की सृष्टि की थी।*
*चैत्रे मासि जगद्ब्रह्मा ससज प्रथमेऽहनि ।।*
*शुक्लपक्षे समग्रं वै तदा सूर्योदये सति ।।*
🙏🏻 *इसलिए खास है चैत्र*
*चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र में विष्कुम्भ योग में दिन के समय भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। “कृते च प्रभवे चैत्रे प्रतिपच्छुक्लपक्षगा ।* *रेवत्यां योग-विष्कुम्भे दिवा द्वादश-नाड़िका: ।।* *मत्स्यरूपकुमार्यांच अवतीर्णो हरि: स्वयम् ।।”*
🙏🏻 *चैत्र शुक्ल तृतीया तथा चैत्र पूर्णिमा मन्वरादि तिथियाँ हैं। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है।*
➡ *भविष्यपुराण में चैत्र शुक्ल से विशेष सरस्वती व्रत का विधान वर्णित है ।*
➡ *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक नवरात्र मनाये जाते हैं जिसमें व्रत रखने के साथ माँ जगतजननी की पूजा का विशेष विधान है।*
➡ *चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है।*
➡ *युगों में प्रथम सत्ययुग का प्रारम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से माना जाता है।*
➡ *मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को हुआ था।*
➡ *युगाब्द (युधिष्ठिर संवत) का आरम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को माना जाता है।*
➡ *उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विक्रमी संवत् का प्रारम्भ भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को किया गया था।*
👉🏻 *चैत्र मास में ऋतु परिवर्तन होता है और हमारे आयुर्वेदाचार्यों ने इस मास को स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना है।*
🌷 *पारिभद्रस्य पत्राणि कोमलानि विशेषत:। सुपुष्पाणि समानीय चूर्णंकृत्वा विधानत: ।*
*मरीचिं लवणं हिंगु जीरणेण संयुतम्। अजमोदयुतं कुत्वा भक्षयेद्रोगशान्तये ।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
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दैनिक राशिफल: 4 मार्च 2026, बुधवार
मेष – सुख-आनंद कारक समय है। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। निर्मूल शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते है। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। शुभांक-4-5-6
वृष – शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। मनोविनोद बढ़ेगे। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ होगा और पुराने मित्रों से समागम। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। शुभांक-4-6-7
मिथुन – नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में वृद्घि होगी। शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। सुबह की महत्त्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। शुभांक-4-6-7
कर्क – आध्यात्मिक रुचि बनेगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच अप्रत्याशित विघ्न पैदा होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-1-7-9
सिंह – प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगेे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। वाहन चालन में सावधानी बरतें। शुभांक-3-5-8
कन्या – आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। शनै:-शनै: स्थिती पक्ष की बनने लगेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-2-5-7
तुला – स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रहें। व्यापार में वृद्घि होगी। नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। यश-प्रतिष्ठा में वृद्घि व शिक्षा में परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रखें। शुभांक-2-6-8
वृश्चिक – आवेश में आना आपके हित में नही होगा इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियत्रंण रखें। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। अपने अधीनस्त लोगों से कम सहयोग मिलेगा। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। जो चल रहा हैं उसे सावधानीपूर्वक संभालें। शुभांक-3-6-8
धनु – धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। रुका हुआ लाभ प्राप्त हो सकता है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों में प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। शुभांक-4-6-7
मकर – अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। कामकाज की व्यस्तता बढ़ेगी। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होंगी। आज का परिश्रम आगे लाभ देगा। शुभांक-3-5-6
कुम्भ – आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। इच्छित कार्य सफल होंगे। शुभांक-4-6-8
मीन – ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे में रुकावट का एहसास होगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। जो चल रहा हैं उसे सावधानीपूर्वक संभालें। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। इच्छित कार्य सफल होंगें। शुभांक-5-6-8


