Taja Report

पाँच दिनों तक बिजली, आँधी और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की सम्भावना

मुजफ्फरनगर। कृषि रक्षा अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया है कि जनपद में मौसम का पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले पाँच दिनों तक बिजली की गरज, आँधी और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की सम्भावना रहेगी। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 26 से 32 व 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा। इस दौरान पूर्वान्ह 7.21 को सापेक्ष आद्रता 90 से 100 तथा दोपहर बाद अपरान्ह 2.21 को 60 से 80 प्रतिशत रहेगा। हवा 7 से 16 किमी प्रति घन्टे की गति से चलने का अनुमान है। ई०आर०एफ०एस० उत्पादों के अनुसार 5 से 11 सितम्बर, 2025 में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक और वर्षा भी सामान्य से अधिक हो सकती है।

 कृषक भाइयों को सलाह दी जाती है कि जल भराव वाले क्षेत्रों में यदि 10 से 15 सेमी तक पानी की सतह बनी रहती है, तो 7 से 10 दिन बाद यदि खेत में यूरिया की टॉप ड्रैसिंग सम्भव न हो तो 2 प्रतिशत यूरिया घोल का पर्णीय छिडकाव करें। कृषक भाइयों जल भराव के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिये एन०पी०के० मिश्रण 190:190:19 के 2 प्रतिशत घोल का 2 से 3 बार छिडकाव करें।

धान की फसल में नाइट्रोजन की दूसरी और अन्तिम टॉप ड्रैसिंग बालियाँ बनने की प्रारम्भिक अवस्था में अधिक उपज वाली प्रजातियों में 30 किग्रा व बासमति प्रजातियों में 15 किग्रा प्रति हैक्टेअर की दर से टॉप ड्रैसिंग करें एवं जल भराव 2 से 3 सेमी से ज्यादा नहीं होना चाहिये ।

गन्ने में यूरिया का प्रयोग देर से बोयी गयी फ़सल में 50 किग्रा प्रति एकड की दर से करें। टॉप बोरर नियन्त्रण के लिये प्रभावित गन्ने के ऊपरी भाग को हटायें ताकि चौथी पीढी का नियन्त्रण किया जा सके जो एक सप्ताह बाद स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। गन्ने में कार्बोफ्यूरान 3 जी का प्रयोग 12 किग्रा प्रत्ति एकड की दर से करें। गन्ने में लाइट ट्रैप लगायें। गन्ने में मिली बग के नियन्त्रण के लिये इमिडा कोरोपिड 250 मिली+साइपरमैथ्रिन 50 मिली को 250 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें। माइट कीट नियन्त्रण के लिये ओमाइट 400 मिली 250 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें। लाल सडन से प्रभावित पौधों को उखाड़ दें और गड्ढे में ब्लीचिंग पाउडर 10 ग्राम प्रति गडढा प्रयोग करें। ट्राइकोडरमा 4 किग्रा प्रति एकड 100 किग्रा कम्पोस्ट में मिलाकर प्रभावित खेतों में दो बार प्रयोग करें।

अधिक जानकारी के लिये विकासखण्ड स्तर पर प्रभारी कृषि रक्षा इकाई, जिला स्तर पर कृषि रक्षा अधिकारी/जिला कृषि अधिकारी से सम्पर्क करें।

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Author: Taja Report

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