मुजफ्फरनगर। जिले में जल प्रदूषण के कारण फैल रही घातक बीमारियों के चलते उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) ने संयुक्त रूप से प्रदूषण का स्तर जांचने का अभियान शुरू किया है। इसके तहत पहले चरण में जिले के 23 गांवों के पेयजल के सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपलों की जांच से पता चलेगा कि पानी कितना जहरीला और पीने लायक है या नहीं?
जिन गांवों से सैंपल लिए गए
सैंपल लिए गए गांवों में शामिल हैं
किशनपुरा
मलपुरा
तिस्सा
मोरना
रहकड़ा
बेलड़ा
धीराहेड़ी
ककराला
माद्दीपुर
नंगला बुजुर्ग
रूड़कली (तालिबअली)
रूड़कली (फतेहअली)
तेवड़ा
खेड़ी फिरोजाबाद
जौली
भंडूर
खोखनी
दौलतपुर
मखियाली
जट मुझेड़ा
और चांदपुर।
ये सभी गांव ऐसे हैं, जहां से पहले चरण में जल निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सरकारी हैंडपंपों से पेयजल के सैंपल लिए। टीम में जल निगम की तरफ से केमिस्ट मोहित और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जेआरएफ मनीष कुमार यादव इस टीम में शामिल रहे। दोनों ने टीम के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर गांव-गांव भ्रमण कर सैंपल एकत्र किए।