Taja Report

चंदन चौहान ने पहले विधायक और अब सांसद बनने के मोरना शुगर मिल को दिलाई एक नई पहचान

मुजफ्फरनगर । उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में किसानों की बहु प्रतीक्षित मांग दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लि. मोरना के विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण की मांग पूरी हो गई है। जिसके विस्तारीकरण के लिए मंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट में ₹261 .92 का प्रस्ताव पास किया है । जिसके चलते मुजफ्फरनगर के पुरकाजी लोकसभा व मीरापुर विधानसभा क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है । जिसके चलते बिजनौर लोक सभा सीट से सांसद चंदन चौहान ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मत्री जयंत चौधरी लेकर तमाम भाजपा और रालोद नेताओं का आभार व्यक्त किया इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, रालोद विधायक मिथलेश पाल और पूर्व विधायक राव वारिस , नूरसलीम राणा सहित रालोद के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सांसद चंदन चौहान ने कहा कि मिल के निस्तारीकरण की जब नींव रखी जाएगी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी यहां मौजूद होंगे ये उनकी और क्षेत्र के किसानों की मांग है ।

मार्ग अब पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। बिजनौर सांसद चंदन चौहान के अथक प्रयासों और लंबी कानूनी व प्रशासनिक लड़ाई के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मिल के लिए करोड़ों का बजट जारी कर दिया है। सांसद के इस भागीरथ प्रयास से क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है।

MLA से MP तक: जारी रहा चंदन चौहान का मिशन ‘मोरना मिल’

गौरतलब है कि मोरना चीनी मिल के विस्तारीकरण का मुद्दा सांसद चंदन चौहान की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहा है। जब वह मीरापुर विधानसभा से विधायक थे, तभी से उन्होंने इस मिल की जर्जर हालत और कम क्षमता (2500 TCD) के कारण किसानों को होने वाली असुविधा को सदन से लेकर शासन तक प्रमुखता से उठाया था। उनके प्रयासों का ही नतीजा था कि पहले इसकी घोषणा हुई और अब सांसद बनने के बाद उन्होंने लगातार पैरवी कर बजट भी स्वीकृत करा लिया। शासन द्वारा जारी 10 पन्नों की विस्तृत मंत्रिपरिषद टिप्पणी इस बात की गवाह है कि यह परियोजना अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है।

₹261 करोड़ से बदलेगी मिल की तस्वीर

शासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने परियोजना की कुल लागत ₹261.91 करोड़ (26191.00 लाख) का मूल्यांकन कर संस्तुति प्रदान कर दी है। हालांकि, डीपीआर (DPR) के अनुसार इसकी अनुमानित लागत ₹275.65 करोड़ आंकी गई थी। इस परियोजना का वित्त पोषण 50 प्रतिशत राज्य सरकार की अंशपूँजी और 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा ऋण के रूप में किया जाएगा।

सांसद चंदन चौहान ने कहा कि 2500 से बढ़कर 5000 TCD होगी शुगर मिल की पेराई क्षमता

वर्तमान में मोरना चीनी मिल की पेराई क्षमता मात्र 2500 TCD है, जो लगभग 29 वर्ष पुराने (1995-96) विस्तार के बाद से यथावत थी। नई योजना के तहत मिल की क्षमता बढ़ाकर 5000 TCD की जाएगी। यह नई मिल नवीनतम तकनीक (Latest Technology) पर आधारित होगी, जिससे न केवल पेराई क्षमता बढ़ेगी बल्कि चीनी की रिकवरी में भी भारी सुधार होगा। मंत्रिपरिषद टिप्पणी के अनुसार, मिल का लक्ष्य चीनी परता (Recovery) को 11.50 प्रतिशत तक ले जाने का है।

सांसद चंदन चौहान की इस सफलता से क्षेत्र के गन्ना किसानों को अब दूसरे मिलों का रुख नहीं करना पड़ेगा और न ही गन्ना सप्लाई में देरी होगी। आधुनिक प्लांट लगने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही, मिल की वित्तीय हानियों पर लगाम लगेगी, जिससे किसानों का भुगतान भी समय पर सुनिश्चित हो सकेगा।

मोरना मिल गन्ना बाहुल्य क्षेत्र में स्थित है, लेकिन कम क्षमता के कारण किसानों का पूरा गन्ना पेराई नहीं हो पाता था। प्लांट और मशीनरी पुरानी होने के कारण उत्पादन लागत अधिक आती थी और मिल लगातार वित्तीय घाटे में जा रही थी। अब आधुनिक मशीनरी से मिल की कार्यक्षमता और किसानों की आय, दोनों में वृद्धि होगी।

मोरना मिल के किसानों की समस्या मेरी अपनी समस्या थी। मीरापुर के विधायक रहने के दौरान जो संकल्प मैंने लिया था, उसे आज बजट जारी होने के साथ एक बड़ी उपलब्धि मिली है। यह जीत मोरना क्षेत्र के प्रत्येक अन्नदाता की है।

Taja Report
Author: Taja Report

Advertisements
Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *