*🚩जय सत्य सनातन🚩*
*🚩आज की हिंदी तिथि*
*🌥️ 🚩युगाब्द-५१२७*
*🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०८२*
*⛅🚩तिथि – अष्टमी सुबह 10:06 तक तत्पश्चात् नवमी*
*⛅दिनांक – 30 अक्टूबर 2025*
*⛅दिन – गुरुवार*
*⛅अयन – दक्षिणायण*
*⛅ऋतु – हेमंत*
*⛅मास – कार्तिक*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅नक्षत्र – श्रवण शाम 06:33 तक तत्पश्चात् धनिष्ठा*
*⛅योग – शूल सुबह 07:21 तक, तत्पश्चात् गण्ड प्रातः 06:16 अक्टूबर 31 तक, तत्पश्चात् वृद्धि*
*⛅राहुकाल – दोपहर 01:35 से दोपहर 03:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय – 06:31*
*⛅सूर्यास्त – 05:50 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:50 से प्रातः 05:40 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:45 से रात्रि 12:36 अक्टूबर 31 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅️व्रत पर्व विवरण – मासिक दुर्गाष्टमी, गोपाष्टमी*
*🌥️विशेष – नवमी को लौकी खाना गौमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹’बुफे सिस्टम’ नहीं, भारतीय भोजन पद्धति है लाभप्रद*🔹
*आजकल सभी जगह शादी-पार्टियों में खड़े होकर भोजन करने का रिवाज चल पडा है लेकिन हमारे शास्त्र कहते हैं कि हमें नीचे बैठकर ही भोजन करना चाहिए । खड़े होकर भोजन करने से हानियाँ तथा पंगत में बैठकर भोजन करने से जो लाभ होते हैं वे निम्नानुसार हैं : *
🔹 *खड़े होकर भोजन करने से हानियाँ* 🔹
*🔸(१) यह आदत असुरों की है । इसलिए इसे ‘राक्षसी भोजन पद्धति’ कहा जाता है ।*
🔸 *(२) इसमें पेट, पैर व आँतों पर तनाव पड़ता है, जिससे गैस, कब्ज, मंदाग्नि, अपचन जैसे अनेक उदर-विकार व घुटनों का दर्द, कमरदर्द आदि उत्पन्न होते हैं । कब्ज अधिकतर बीमारियों का मूल है ।*
🔸 *(३) इससे जठराग्नि मंद हो जाती है, जिससे अन्न का सम्यक् पाचन न होकर अजीर्णजन्य कई रोग उत्पन्न होते हैं ।*
🔸 *(४) इससे हृदय पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे हृदयरोगों की सम्भावनाएँ बढ़ती हैं ।*
🔸 *(५) पैरों में जूते-चप्पल होने से पैर गरम रहते हैं । इससे शरीर की पूरी गर्मी जठराग्नि को प्रदीप्त करने में नहीं लग पाती ।*
🔸 *(६) बार-बार कतार में लगने से बचने के लिए थाली में अधिक भोजन भर लिया जाता है, फिर या तो उसे जबरदस्ती ठूँस-ठूँसकर खाया जाता है जो अनेक रोगों का कारण बन जाता है अथवा अन्न का अपमान करते हुए फेंक दिया जाता है ।*
🔸 *(७) जिस पात्र में भोजन रखा जाता है, वह सदैव पवित्र होना चाहिए लेकिन इस परम्परा में जूठे हाथों के लगने से अन्न के पात्र अपवित्र हो जाते हैं । इससे खिलानेवाले के पुण्य नाश होते हैं और खानेवालों का मन भी खिन्न-उद्विग्न रहता है ।*
🔸 *(८) हो-हल्ले के वातावरण में खड़े होकर भोजन करने से बाद में थकान और उबान महसूस होती है । मन में भी वैसे ही शोर-शराबे के संस्कार भर जाते हैं ।*
🔹 *बैठकर (या पंगत में) भोजन करने से लाभ* 🔹
🔸 *(१) इसे ‘दैवी भोजन पद्धति’ कहा जाता है ।*
🔸 *(२) इसमें पैर, पेट व आँतों की उचित स्थिति होने से उन पर तनाव नहीं पड़ता ।*
🔸 *(३) इससे जठराग्नि प्रदीप्त होती है, अन्न का पाचन सुलभता से होता है ।*
🔸 *(४) हृदय पर भार नहीं पड़ता ।*
🔸 *(५) आयुर्वेद के अनुसार भोजन करते समय पैर ठंडे रहने चाहिए । इससे जठराग्नि प्रदीप्त होने में मदद मिलती है । इसीलिए हमारे देश में भोजन करने से पहले हाथ-पैर धोने की परम्परा है ।*
🔸 *(६) पंगत में एक परोसनेवाला होता है, जिससे व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार भोजन लेता है । उचित मात्रा में भोजन लेने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है व भोजन का भी अपमान नहीं होता ।*
🔸 *(७) भोजन परोसनेवाले अलग होते हैं, जिससे भोजनपात्रों को जूठे हाथ नहीं लगते । भोजन तो पवित्र रहता ही है, साथ ही खाने-खिलानेवाले दोनों का मन आनंदित रहता है ।*
🔸 *(८) शांतिपूर्वक पंगत में बैठकर भोजन करने से मन में शांति बनी रहती है, थकान-उबान भी महसूस नहीं होती ।*
*- 📖 ऋषि प्रसाद, अप्रैल 2014*
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मेष- व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। नौकरी में अपने अधीनस्थ लोगों से कम सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में संतोषजनक सफलता मिलेगी। शुभांक-2-4-6
वृष- कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सवेरे ही निपटा लें। रुपये पैसों की सुविधा नहीं मिल पाएगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। शुभांक-3-5-7
मिथुन- यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। यात्रा शुभ रहेगी। काम को प्राथमिकता से करें। कारोबारी काम में बाधा उभरने से मानसिक अशांति बनी रहेगी। शुभांक-2-4-6
कर्क- आगे बढ़ने के अवसर लाभकारी सिद्घ होंगे। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। पारिवारिक विवाद टालें। अच्छे समय का इन्तजार करें। शुभांक-1-5-6
सिंह- लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ होगा और पुराने मित्रों से समागम भी होगा। व्यवसायिक अभ्युदय व प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। सुख-सुविधा में वृद्घि होगी। शुभांक-3-5-7
कन्या- कामकाज की व्यस्तता से सुख-चैन प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूति मिलेगी। लाभमार्ग प्रशस्त होगा। नवीन उद्योगों के अवसर बढ़ेंगे व अभिलाषाएं पूर्ण होंगी। कुछ भ्रामक धारणाओं का खंडन होगा। शुभांक-3-4-7
तुला- समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी।अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। पत्नी व संतान पक्ष से थोड़ी ङ्क्षचता रहेगी। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। शुभांक-3-5-6
वृश्चिक- व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शत्रुभय, ङ्क्षचता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बना रहेगा। कर्ज लेने से बचें। शुभांक-3-5-7
धनु- यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। यात्रा शुभ रहेगी। अपने काम पर पैनी नजर रखिए। विरोधी नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा। शुभांक-2-4-6
मकर- मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास सफल होंगे। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। कल का परिश्रम आज लाभ देगा। शुभांक-1-5-8
कुम्भ- कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-3-5-7
मीन- परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेेगा। शुभांक-1-3-5


