मुजफ्फरनगर। सिसौली में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के मुख्यालय पर आज आयोजित मासिक महापंचायत में किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंच से केंद्र व प्रदेश सरकार को खुली चेतावनी दी कि अब सब्र का बांध टूट रहा है। किसानों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी। गन्ना भुगतान में देरी, फसलों का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलना, बिजली और डीजल-खाद की बढ़ती कीमतों, और खेती की बढ़ती लागत जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार लापरवाह है। यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो भाकियू देशव्यापी आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेगी।
सिसौली में यह महापंचायत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के हजारों किसानों की मौजूदगी में एकजुटता का प्रतीक बनी। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और मोटरसाइकिलों के काफिलों के साथ गांव-गांव से किसान सिसौली पहुंचे, जिसने भाकियू की ताकत और किसानों की एकता को फिर से रेखांकित किया। सभा में किसानों की भीड़ ने साफ कर दिया कि भाकियू आज भी उनकी सबसे मजबूत आवाज है।
नरेश टिकैत ने जोरदार संबोधन में कहा, “किसान दिन-रात मेहनत करता है, लेकिन गन्ने का भुगतान समय पर नहीं मिलता। बिजली और डीजल-खाद की कीमतों ने खेती को घाटे का सौदा बना दिया। सरकारें अगर अब भी नहीं जागीं, तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन होगा।” उन्होंने सरकार को चेताया कि किसानों का धैर्य अब जवाब दे रहा है।


