शामली। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कैराना सांसद इकरा हसन ने संसद में विशेष संबोधन दिया। जैसे ही उन्होंने सदन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम का शाब्दिक अर्थ समझाया, कई सदस्य हैरान रह गए। उनके भाषण की वीडियो तेजी से वायरल हो रही है।
इकरा हसन ने अपने भाषण में बताया कि राष्ट्रगीत को लेकर कभी भी अनिवार्यता नहीं रखी गई, बल्कि इसे सम्मान और स्वैच्छिकता के साथ अपनाया गया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने ‘राजधर्म’ का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया था कि वंदे मातरम किसी पर थोपा न जाए, बल्कि लोग इसे सम्मानपूर्वक गाएं। सांसद इकरा हसन द्वारा वंदे मातरम का अर्थ व संदर्भ समझाए जाने पर कई सदस्यों ने आश्चर्य व्यक्त किया। उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग इसे ‘संतुलित’, ‘तथ्यात्मक’ और ‘शांतिपूर्ण संदेश’ वाला बताकर सराह रहे हैं।


